सावन

यह सावन के झूले, वो बारिश का पानी, यह टिप टिप करती बूँदे वो मौसम की रवान, सबके लबों पर ख़ुशियों का पैग़ाम लाया रे, सावन आया रे सखी, सावन आया रे। 

Continue Reading

अजनबी

क्या तुम मेरी परछाई हो कुछ खास बताने आई हो या तुम कोई तन्हाई हो मुझसे बतियाने आई हो शायद तुम मेरा माज़ी हो जो मुझसे मिलने राज़ी हो या…

Continue Reading

Human Trafficking

कभी कोई बच्चा खो जाता  है, तो कभी कोई अपना जिस्म बेच देता है, कभी कोई रोटी के लिए रोता है, तो कभी कोई उसी रोटी के लिए हंसाता है. लेकिन…

Continue Reading
Close Menu