उन्नति के सूत्रधार – लेखक- प्रसाद डांगे

अद्भुत दृश्य था। कुछ समय तक किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा की क्या बात करें। फिर “बा साब” ने बोलना शुरू किया, “दुल्हन बन के आयी थी, माट्साब की। और जब उनको लड़को हुओ, तो ढोल बजायो थो।” इतना बोल के बा साब भी भाव विव्हल हो गए। आते जाते लोग इकट्ठा होने लगे। सब आग्रह करने लगे की हमारे घर चलो। खड़े खड़े बस घर ही देख लो। चाय पी के जाओ। खाना खा लो। सबका आग्रह स्वीकार करना सम्भव नहीं था। और किसी एक के घर जा कर बाक़ियों को नाराज़ करना भी ठीक नहीं था। सो आई ने सबसे कहा की “बस अब निकलेंगे, अगली बार आऊँगी।”

Continue Reading

Importance of Digital Marketing (डिजिटल मार्केटिंग का महत्व )| Digital Marketing-Introduction Part-2

Read Articles in the Series : English  |  Hindi Read previous article in the Series English  | Hindi Traditional Media Marketing Vs. Digital Media Marketing ज्यादातर हम सुनते हैं कि पारंपरिक (Traditional…

Continue Reading

डिजिटल मार्केटिंग क्या है? What is Digital Marketing? | Digital Marketing-Introduction Part-1

Read Articles in the Series Here. Read Articles in the Series in hindi Here   "डिजिटल मार्केटिंग" स्किल आजकल बहुत ही प्रचलन में है |  लेकिन अभी भी  बहुत से लोग…

Continue Reading

Digital Marketing- शृंखला | विषय सूचि

2 minutes read

मेरे  नए शौक – ‘डिजिटल मार्केटिंग ‘; ने सबका ध्यान आकर्षित किया |  कुछ लोगों ने जो विषय से अनजान थे  पूछा , “और वह क्या है?” कुछ लोगों ने उत्साहित होकर विवरण पूछा, “तो इसे सीखने के लिए सबसे अच्छी जगह कौनसी है? क्या सच में इस फील्ड में कोई गुंजाइश है ? (पैसे वैसे मिलते हैं?)  आप इसे कैसे उपयोग करने जा रहे हैं? और इसी तरह … कुछ लोग जो” विषय “के बारे में स्पष्ट रूप से जानते थे ; मुझे यह कहते हुए प्रोत्साहित किया, “अच्छा है. आजकल यह बहोत  चल रहा है ”

(और ज्यादा…)

Continue Reading
Close Menu