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तनहाई

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Hindi PoemHindi poem on Lonliness !!

तनहाई-1

हर तनहाई में याद आती है तेरी

हर महफिल में नजर ढूंढती है तुझे

आंखें बंद करूं तो सपने में तू है

आंखें खोलूं तो नजरों के सामने तू है

मेरे दिल की धड़कन में, हर सांस में हर पल में , बस तू है

 तेरे बिना जिंदगी जीना गवारा नहीं

तेरे बिना कुछ भी हमारा नहीं

तुमसे ना कभी दूर जाऊं , बिन तेरे ना एक पल बिताऊँ 

 बस यही तमन्ना है हर पल तेरे करीब, और करीब आऊं….

………………………………………………..

तनहाई-2

है तनहाई आज फिर, फिर हुए हम हैं अकेले

कोई नहीं है दूर तक जो हमें बाहों में ले ले

दिखती है सबको खुशी होठों की

ना दिखती है आंखों की यह नमी

देते देते सबका साथ हो लिए हम हैं अकेले

ना है कोई दूर दूर तक जो हमें बाहों में ले ले …..

फिर भी शिकवा है ना गिला है कोई

 अपना ना सही पराया तो है कोई

 खुशियों को छोड़कर अपनों को गले लगा ले

ना है कोई दूर दूर तक जो हमें अपना बना ले………..

Vibha Bilthare

Founder- Director @meerashvi info Tech Pvt.ltd.

Motivational speaker.

Consultant.

Storyteller ,Writer, Passionate about life wants to live, live and help….

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